
मालपुआ का नाम सुनते ही मुँह में पानी आ जाता है। बीच से नरम, किनारों से कुरकुरा, चाशनी में डूबा हुआ और इलायची की खुशबू वाला। किसी भी पारिवारिक मौके को ये एक त्योहार जैसा बना देता है। लेकिन डायबिटीज़ वालों के लिए ये सबसे मुश्किल मिठाइयों में से एक है, क्योंकि इसमें मैदा, बैटर में चीनी, तलना और ऊपर से गाढ़ी चाशनी, सब एक साथ आता है।
अगर आप सोच रहे हैं कि malpua kaise banate hain ताकि शुगर न बढ़े, तो ये रेसिपी आपके लिए है। हमने मालपुआ की नरमी, कुरकुरे किनारे और चाशनी वैसे ही रखे, बस अंदर की चीज़ें बदल दीं। मैदा की जगह डायबेक्सी शुगर कंट्रोल आटा, बैटर और सिरप दोनों में डायबेक्सी शुगर फ्री स्वीटनर, और सूजी बिल्कुल नहीं। हर मालपुए का अनुमानित ग्लाइसेमिक लोड सिर्फ 5 है।
अगर आप जानना चाहते हैं कि malpua kya hota hai, तो आसान भाषा में ये एक नरम भारतीय पैनकेक है जिसे तला जाता है और फिर चाशनी में भिगोया जाता है। ये भारत की सबसे पुरानी मिठाइयों में से एक माना जाता है, जिसे अक्सर प्राचीन मिठाई अपूप से जोड़ा जाता है। ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में ये खूब पसंद किया जाता है, और हर जगह इसका अपना अंदाज़ है।
| पारंपरिक मालपुआ | डायबेक्सी शुगर फ्री मालपुआ | |
|---|---|---|
| आटा | मैदा, कभी कभी सूजी के साथ | डायबेक्सी शुगर कंट्रोल आटा |
| बैटर में मिठास | चीनी, कई बार खोया या केला | डायबेक्सी शुगर फ्री स्वीटनर |
| चाशनी | गाढ़ी चीनी की चाशनी | शुगर फ्री सिरप |
| साथ में | अक्सर रबड़ी | सादा या थोड़े ड्राई फ्रूट्स |
| ग्लाइसेमिक लोड (प्रति पीस) | ज़्यादा | लगभग 5 |
ग्लाइसेमिक लोड बताता है कि कोई खाना आपका ब्लड शुगर असल में कितना बढ़ाता है, यानी कार्बोहाइड्रेट का प्रकार और मात्रा दोनों। मैदा की जगह लो ग्लूकोज़ लोड वाला हाई प्रोटीन आटा लेने और बैटर व सिरप दोनों से चीनी हटाने पर हर मालपुआ लगभग 5 GL पर आ जाता है।


| मालपुआ बैटर की सामग्री | मात्रा |
|---|---|
| डायबेक्सी शुगर कंट्रोल आटा | 250 ग्राम |
| डायबेक्सी शुगर फ्री स्वीटनर | 40 ग्राम |
| इलायची पाउडर | एक चुटकी |
| दूध | 250 मिलीलीटर, ज़रूरत हो तो थोड़ा और |
| कटे हुए ड्राई फ्रूट्स | एक मुट्ठी |
| तेल | तलने के लिए |
| शुगर फ्री सिरप की सामग्री | मात्रा |
|---|---|
| डायबेक्सी शुगर फ्री स्वीटनर | स्वाद अनुसार |
| पानी | लगभग 1 कप |
| इलायची पाउडर | एक चुटकी |

ये रही malpua banane ki vidhi, डायबिटीज़ फ्रेंडली तरीके से। अगर आप recipe of malpua in hindi ढूँढ रहे थे, तो नीचे हर स्टेप आसान भाषा में समझाया गया है।
एक बड़े बाउल में 250 ग्राम डायबेक्सी शुगर कंट्रोल आटा लें।

इसमें 40 ग्राम डायबेक्सी शुगर फ्री स्वीटनर और एक चुटकी इलायची पाउडर डालें। सूखी चीज़ों को अच्छे से मिला लें।

250 मिलीलीटर दूध डालें, ज़रूरत हो तो थोड़ा और, और फेंटकर गाढ़ा लेकिन बहने वाला स्मूथ बैटर बना लें। इसमें गुठलियाँ नहीं होनी चाहिए। बैटर चम्मच से धीरे धीरे गिरना चाहिए।

बाउल को ढककर 10 मिनट के लिए रख दें। इससे मालपुए ज़्यादा नरम बनते हैं।

एक मुट्ठी कटे हुए ड्राई फ्रूट्स डालकर अच्छे से मिलाएँ। शुगर लोड सबसे कम रखना है तो किशमिश न डालें।

एक पैन में लगभग एक कप पानी और स्वाद अनुसार डायबेक्सी शुगर फ्री स्वीटनर डालें। एक चुटकी इलायची पाउडर डालें, हल्का गर्म करें और चम्मच से तब तक मिलाएँ जब तक सब घुल न जाए। सिरप को गर्म रखें।

दूसरे पैन में मध्यम आँच पर तेल गर्म करें। तेल बहुत ज़्यादा गर्म होगा तो मालपुआ बाहर से भूरा और अंदर से कच्चा रह जाएगा।

एक बड़ा चम्मच बैटर तेल में डालें, ये अपने आप गोल फैल जाएगा। किनारे सुनहरे और कुरकुरे होने तक तलें, फिर पलटकर दूसरी तरफ भी अच्छे से तलें।

मालपुआ निकालकर अतिरिक्त तेल निकलने दें, फिर गर्म शुगर फ्री सिरप में डालें। ढककर कुछ मिनट छोड़ दें ताकि मालपुआ सिरप सोख ले।

डायबेक्सी आटे से बना मालपुआ तैयार है। गरम गरम, थोड़े कटे ड्राई फ्रूट्स के साथ परोसें। हर मालपुए का अनुमानित ग्लाइसेमिक लोड सिर्फ 5 है।

मालपुआ तला हुआ होता है, इसलिए ये कभी भी कम कैलोरी वाली मिठाई नहीं है। पारंपरिक मालपुए में मैदा, बैटर में चीनी, गाढ़ी चाशनी और अक्सर ऊपर से रबड़ी होती है, जिससे कैलोरी और बढ़ जाती है। इस रेसिपी में चीनी और मैदा दोनों हटा दिए गए हैं। डायबिटीज़ वालों के लिए सबसे बड़ा फर्क ग्लाइसेमिक लोड में है, जो प्रति पीस लगभग 5 रह जाता है। कैलोरी और कम करनी हो तो छोटी कड़ाही में कम तेल में तलें, या चपटे पैन पर थोड़े तेल में सेंकें।
डायबिटीज़ में मालपुआ कभी कभार खा सकते हैं, अगर ये बिना मैदा और बिना चीनी के बना हो। इस रेसिपी में डायबेक्सी शुगर कंट्रोल आटा और बैटर व सिरप दोनों में डायबेक्सी शुगर फ्री स्वीटनर इस्तेमाल हुआ है, जिससे हर मालपुए का अनुमानित ग्लाइसेमिक लोड सिर्फ 5 है। फिर भी ये तला हुआ है, इसलिए खाने के बाद एक या दो पीस ही लें।
250 ग्राम डायबेक्सी शुगर कंट्रोल आटे में 40 ग्राम डायबेक्सी शुगर फ्री स्वीटनर, एक चुटकी इलायची और 250 मिलीलीटर दूध मिलाकर स्मूथ बैटर बनाएँ। 10 मिनट आराम दें, ड्राई फ्रूट्स मिलाएँ, फिर बड़े चम्मच से तेल में डालकर दोनों तरफ से सुनहरा होने तक तलें। आखिर में स्वीटनर, पानी और इलायची से बने गर्म शुगर फ्री सिरप में डुबोएँ।
हाँ। इस रेसिपी में सिर्फ डायबेक्सी शुगर कंट्रोल आटा इस्तेमाल हुआ है, न मैदा, न सूजी। ये आटा नरम बैटर बनाता है जो अच्छे से तलता है और ग्लाइसेमिक लोड कम रखता है।
मालपुआ किसी एक राज्य का नहीं है। ये भारत की बहुत पुरानी मिठाई है, जो ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में खूब बनाई जाती है, और हर जगह इसका अपना स्वाद है।
छोटी कड़ाही इस्तेमाल करें ताकि कम तेल लगे, या चपटे पैन पर थोड़े तेल में दोनों तरफ से सेंक लें। सिरप में डालने से पहले मालपुए से अतिरिक्त तेल अच्छे से निकाल दें।
मालपुआ ताज़ा और गरम सबसे अच्छा लगता है। बचे हुए मालपुए एयरटाइट डिब्बे में फ्रिज में एक दो दिन रखे जा सकते हैं। परोसने से पहले पैन में गरम करें और थोड़ी देर गर्म शुगर फ्री सिरप में डुबो दें।
प्रति पीस लगभग 5 ग्लाइसेमिक लोड के साथ, ज़्यादातर डायबिटीज़ वाले लोग खाने के बाद एक या दो मालपुए खा सकते हैं। पहली बार खाने के दो घंटे बाद ब्लड शुगर चेक करें, ताकि पता चले आपके शरीर पर इसका क्या असर होता है।
डायबेक्सी के YouTube चैनल पर शुगर फ्री मालपुआ की पूरी रेसिपी देखें:
यहाँ देखें: https://youtu.be/Eu1CzPOe-TM
अंग्रेज़ी में पढ़ना चाहते हैं? https://diabexy.com/blogs/recipes/sugar-free-malpua-recipe